राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को चार किस्तों में दिए जाएंगे 5700 करोड़ रूपए

राजीव गांधी किसान न्याय योजना: भारत एक कृषि प्रधान देश है, और भारत देश की ज्यादातर जनसँख्या कृषि पर निर्भर करती है. भारत देश में किसानों की आय उनके द्वारा की गयी फसल उत्पादन एवं उसके विक्रय पर मिलने वाले लाभ पर ही निर्भर करता है. किसानों को उनके द्वारा उत्पादित फसल का सही दाम न मिलने के कारण वह आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते है. इस समस्या को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को उनके द्वारा उपजी फसल सही दाम मिले इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने जा रही है. इस योजना के अंतर्गत राज्य के तक़रीबन 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जायेगी.

राजीव गांधी किसान न्याय योजना | Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana

भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की शहादत दिवस 21 मई के दिन छत्तीसगढ़ राज्य सरकार किसानों की आर्थिक मदद करने तथा फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य के Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana शुरू करने जा रही है. इस योजना के तहत दी जाने वाली 5700 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम क़िस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि किसानों के खातों में ऑनलाइन हस्तांतरित की जायेगी. राजीव गांधी किसान न्याय योजना से सम्बंधित और जानकारी के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें.

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21 मई को 19 लाख किसानों को दी जायेगी पहली क़िस्त

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि 4 किस्तों में हस्तांतरित की जायेगी. 21 मई 2020 को इस योजना की पहली क़िस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि 19 लाख किसानों के खातों में ऑनलाइन अंतरित की जायेगी. बाकी बची राशि को 3 किस्तों में दिया जाएगा.

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के उद्देश्य एवं लाभ

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य फसल उत्पादन को प्रोत्साहन देना है.
  • किसानों की सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था को सुद्रण करना है.
  • इस योजना के तहत तक़रीबन 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की सहायता राशि चार किस्तों में दी जानी है.
  • किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
  • किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य दिलाना भी इस योजना का उद्देश्य है.
  • किसानों को कृषि सम्बंधित कार्यों में सहायता करना।

अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह आता है की, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में कौन-कौन से किसान पात्र होंगे. योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा.

धान की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

छत्तीसगढ़ राज्य धान के उत्पादन में अग्रणी राज्य है. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य पहले ही निर्धारित किया जा चुका है. 1835 ए ग्रेड धान के लिए तथा 1815 सामान्य ग्रेड धान के लिए. छत्तीसगढ़ राज्य की ज्यादातर आबादी धान की खेती के ऊपर निर्भर करती है, इसलिए राज्य सरकार ने धान की खरीदी 2500 रूपए प्रति क्विंटल से की गई. धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम क़िस्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जायेगी. योजना में प्रदेश के करीब 9 लाख 53 हजार 706 सीमान्त किसान, 5 लाख 60 हजार 284 लघु और 3 लाख 20 हजार 844 बड़े किसान लाभान्वित होंगे.

गन्ना किसानों को भी दिया जाएगा लाभ

गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा अधिकतम 335 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा. इसके तहत प्रदेश के 34637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किस्तों में मिलेगा. इस योजना की पहली क़िस्त 18.43 करोड़ रूपए की राशि 21 मई को अंतरित की जायेगी. सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से वर्ष 2018-19 ख़रीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि (बकाया बोनस) भी प्रदान करने जा रही है. इसके तहत किसानों को 24414 किसानों को 10 करोड़ 27 लाख रूपए की सहायता राशि दी जायेगी. किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए धान व मक्का लगाने वाले किसानों को अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मदद की जाएगी।

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